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Ultrasound करवाने से पहले और बाद में इन 4 बातों का जरूर रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ उनà¥à¤¨à¤¤ तकनीक है जिसमें उचà¥à¤š आवृति धà¥à¤µà¤¨à¤¿ तरंगों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके शरीर के अंदर की तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ निकाली जाती हैं।
Ultrasound करवाने से पहले और बाद में इन 4 बातों का जरूर रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड टेसà¥à¤Ÿ खाली पेट कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करवाया जाता है? कà¥à¤¯à¤¾ खाली पेट अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाना सही है? कà¥à¤¯à¤¾ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से पहले और बाद में कà¥à¤› विशेष बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना पड़ता है? à¤à¤¸à¥‡ कई सवाल होते हैं जो अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड को लेकर आप और हमारे मन में होते हैं।
अगर à¤à¤¸à¥‡ ही सवाल आपके मन में à¤à¥€ हैं तो आपके इन सवालों के जवाब यहां इस लेख में हैं। अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ उनà¥à¤¨à¤¤ तकनीक है जिसमें उचà¥à¤š आवृति धà¥à¤µà¤¨à¤¿ तरंगों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके शरीर के अंदर की तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ निकाली जाती हैं।
दिल, किडनी, लिवर के रोगों का पता लगाने के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की जरूरत पड़ती है तो वहीं गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को à¤à¥€ à¤à¥à¤°à¥‚ण के हो रहे विकास के बारे में जानने के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने की जरूरत पड़ती है।
तो अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से पहले और बाद में किन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, इस बारे में हमें जानकारी दी कानपà¥à¤° में सिंघवी फोरडी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के रेडियोलॉजिसà¥à¤Ÿ डॉ, संजय सिंघवी ने।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से पहले और बाद में किन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤, यह जानने से पहले हम जान लेते हैं कि अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कà¥à¤¯à¤¾ है, कैसे किया जाता है और कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ किया जाता है।
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¥€ अनà¥à¤¯ आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल पढने के लिठयहाठकà¥à¤²à¤¿à¤• करे
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कà¥à¤¯à¤¾ है? (What is ultrasound)
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में हाई फà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤µà¥‡à¤‚सी वेब का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² शरीर के अंदर के अंगों, वेसल और ऊतकों से संबंधित परेशानियां तसà¥à¤µà¥€à¤° के रूप में सामने आ जाती हैं। यह बहà¥à¤¤ ही उनà¥à¤¨à¤¤ तकनीक है जिसमें बिना किसी दरà¥à¤¦ के मरीज की मरà¥à¤œ पता चल जाती है।
इसमें धà¥à¤µà¤¨à¤¿ तरंगों की मदद से साउंड पैदा किया जाता है और शरीर के अंदर की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को सà¥à¤•ैन किया जाता है। इसे सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ à¤à¥€ कहते हैं। बाहरी, आंतरिक और à¤à¤‚डोसà¥à¤•ोपिक तीन तरह का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड होता है।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की जरूरत कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ (Importance of ultrasound)
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की जरूरत निमà¥à¤¨ वजहों से पड़ती है-
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के बारे में जानकारी के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की जरूरत पड़ती है। तो वहीं, शिशॠमें सà¤à¥€ अंगों का विकास सही या नहीं है, à¤à¤¸à¥€ परेशानियों को जानने के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की जरूरत पड़ती है।
शरीर के कोमल ऊतकों में लगी चोट को ढूंढ़ने के लिठà¤à¥€ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। कोमल ऊतकों में चोट का मतलब है कि शरीर की मांसपेशियों में चोट होना है। इसमें आमतौर पर दबाव, नील, मोच जैसे परिणाम दिखाई देते हैं। इन ऊतकों में चोट से शरीर में दरà¥à¤¦, नील, सूजन और काम न करने मन करता है।
किडनी, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯, पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¾à¤¯, अंडकोष जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का परीकà¥à¤·à¤£ करने के लिठà¤à¥€ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है। इसमें उन सà¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का परीकà¥à¤·à¤£ किया जाता जो शरीर को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं।
जब किसी मरीज में नसें ढूंढ़ने में डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ को परेशानी होती है, तब अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है। गंà¤à¥€à¤° बीमारियों में मरीज के इलाज के दौरान इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
दिल में खून की मातà¥à¤°à¤¾ को आंकने के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। इससे हृदय संबंधी सà¤à¥€ जानकारी लेने की कोशिश की जाती है।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से पहले इन बातों का रखें खà¥à¤¯à¤¾à¤² (Keep these things in mind before ultrasound)
रेडियोलोजिसà¥à¤Ÿ डॉ. संजय सिंघवी का कहना है कि अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड à¤à¤• आसान पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ है। इसे कराने से मरीज को किसी तरह का नà¥à¤•सान नहीं होता है। बस मरीज को अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराने से पहले कà¥à¤› बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखना चाहिà¤à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• निमà¥à¤¨ बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से पहले रखें।
1. खाली पेट अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराà¤à¤‚
डॉकà¥à¤Ÿà¤° सिंघवी का कहना है कि खाली पेट अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराने से रिपोरà¥à¤Ÿ सही आती है। हां, ये बात अलग है कि अगर आप इमरजेंसी में अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराने आ रहे हैं तो कैसे à¤à¥€ कर दिया जाता है, लेकिन कोशिश यही की जाती है कि मरीज को खाली पेट अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के लिठबà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जाà¤à¥¤ तो वहीं, किडनी, आंत, पेट या गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के लिठमरीज को खाली पेट बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जाता है।
2. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ किया जाता है खाली पेट अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड
डॉकà¥à¤Ÿà¤° सिंघवी ने बताया कि वैसे तो अगर कोई पेट का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करा रहा है तो उसे कहा जाता है कि वह खाली पेट अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड कराà¤à¥¤ इसके पीछे की वजह यह होती है कि खाना खाने के बाद पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ की थैली (gallbladder) सिकà¥à¤¡à¤¼ जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ के रोगों की सà¥à¤•ैनिंग ठीक से नहीं हो पाती। इसलिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में खाली पेट बà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जाता है।
3. पानी पिà¤à¤‚
अगर आपको कल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के लिठजाना है और आप à¤à¤• दिन पहले ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिल लिठहैं तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° पहले ही आपको कह देते हैं कि खाली पेट आइà¤à¤—ा और पानी पी सकते हैं। बिलà¥à¤•à¥à¤² खाली पेट रहेंगे को à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की दिकà¥à¤•त हो सकती है।
à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की दिकà¥à¤•त होने पर अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड न कराà¤à¤‚। तो à¤à¤¸à¥€ दिकà¥à¤•तें आपको न हों तो थोड़ा-थोड़ा पानी पी सकते हैं। जब आपकी बारी आने वाली हो तब खूब पानी पी लें। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि पेट में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ जितनी अचà¥à¤›à¥€ होगी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की रिपोरà¥à¤Ÿ उतनी अचà¥à¤›à¥€ आà¤à¤—ी। पेट से संबंधित रोगों के लिठपानी पीना जरूरी है।
4. आरामदायक कपड़े पहनें
जब आप अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के लिठजा रहे हैं तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आपके कपड़े ढीले हों। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जिस जगह का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड होगा वहां के कपड़े हटाà¤à¤‚ जाà¤à¤‚गे, इसलिठआप अपनी तैयारी पहले ही कर लें।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के बाद इन बातों का रखें खà¥à¤¯à¤¾à¤² (Take care of these things after ultrasound)
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड होने के बाद किसी तरह का साइड इफेकà¥à¤Ÿ नहीं दिखता। शरीर पर कोई गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ महसूस नहीं होती। अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड होने के बाद मरीज आराम से घर जा सकता है। जिन लोगों का à¤à¤‚डोसà¥à¤•ोपिक अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड किया जाता है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ दी जाती हैं। जिससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में रà¥à¤•ने के लिठकहा जाता है। दवा खाने के बाद मरीज को 24 घंटे तक शराब न पीने की सलाह दी जाती है।
पेट के रोगों के अलावा छाती के रोगों की जानकारी लेने के लिठà¤à¥€ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड की जरूरत पड़ती है। रेडियोलॉजी का आविषà¥à¤•ार मनà¥à¤·à¥à¤¯ के लिठकिसी कà¥à¤°à¤¾à¤‚ति से कम नहीं है। आज अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड जैसी तकनीक के कारण ही आसानी से बड़ी से बड़ी परेशानी का पता चल जाता है। यह à¤à¤•à¥à¤¸-रे से उनà¥à¤¨à¤¤ तकनीक है।
Disclaimer: इस जानकारी की सटीकता, समयबदà¥à¤§à¤¤à¤¾ और वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने का हर समà¥à¤à¤µ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया है । हमारा आपसे विनमà¥à¤° निवेदन है कि किसी à¤à¥€ उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से अवशà¥à¤¯ संपरà¥à¤• करें। हमारा उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ आपको जानकारी मà¥à¤¹à¥ˆà¤¯à¤¾ कराना मातà¥à¤° है।
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